उज्जैन: श्रावण सोमवार और नागपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के बीच सोमवार को करंट फैलने की अफवाह से अफरा-तफरी मच गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान बैरिकेडिंग से टकराने और एक-दूसरे से टकराने के कारण 13 श्रद्धालु घायल हो गए।
घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में सभी का उपचार चल रहा है। घायलों में मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, बिहार और अन्य स्थानों से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालु भी शामिल हैं।
डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह से मची अफरा-तफरी
बताया गया कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह अचानक फैल गई। इसके बाद कतार में मौजूद श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस दौरान बैरिकेडिंग में फंसने और आपस में टकराने से कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। हरिश्चंद्र नाम के श्रद्धालु के पैरों में बैरिकेडिंग से टकराने के कारण गंभीर चोट आई है।
घायलों में अलग-अलग राज्यों के श्रद्धालु शामिल
घायलों में ढांचा भवन उज्जैन निवासी हिंदू बाई, किशनपुरा उज्जैन निवासी 19 वर्षीय सागर पुत्र मनीष, ढांचा भवन निवासी लक्ष्मीबाई, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, ग्राम सिलवासा निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी 18 वर्षीय सोनम, बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत कुमार, ग्वालियर निवासी खुशी तथा वलसाड गुजरात निवासी तुलसी और उनकी मां रेखा बाई शामिल हैं।
घटना के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
नागचंद्रेश्वर मंदिर और हरसिद्धि मंदिर आसपास होने के कारण दर्शन व्यवस्था वाले मार्ग पर पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव था। करंट की अफवाह फैलने के बाद स्थिति बिगड़ने लगी तो पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
कुछ समय की अफरा-तफरी के बाद दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू कर दिया गया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
